बिलासपुर

बिलासपुर में अवैध घुसपैठ पर पुलिस का बड़ा शिकंजा… 23 संदिग्ध डिटेंशन सेंटर भेजे गए

बिलासपुर – अवैध अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत संदिग्ध लोगों की पहचान को लेकर बिलासपुर पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य शासन के निर्देश के बाद एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रश्मित कौर चावला के नेतृत्व में सात निरीक्षकों समेत विशेष टास्क फोर्स गठित की गई है। पुलिस टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में छापामार कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी जुटाई। पहचान और मूल निवास से संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के लिए संबंधित जिलों की पुलिस से भी संपर्क किया गया। विशेष टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और जंगीपुर पहुंची और वहां पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर संदिग्धों से जुड़े दस्तावेज एवं जानकारी साझा की। इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों से बांग्लादेशी नागरिकों के भारत प्रवेश और उनके ठहरने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी जुटाई गईं।
प्रारंभिक जांच में थाना सिरगिट्टी क्षेत्र में निवासरत 23 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें 4 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित होल्डिंग/डिटेंशन सेंटर भेजा गया है। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों अथवा बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत व्यक्तियों की सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पहचान, निवास या दस्तावेजों को लेकर संदेह होने पर तत्काल सूचना दें। बिलासपुर पुलिस के अनुसार पूर्व में भी कार्रवाई की गई है। 2025 में तोरवा क्षेत्र में एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक के विरुद्ध निर्वासन की कार्रवाई की गई थी। वहीं एक अन्य मामले में बांग्लादेश की नाबालिग बालिका के अपहरण के आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के बाद डिटेंशन सेंटर भेजा गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध घुसपैठ और बिना वैध दस्तावेजों के निवासरत लोगों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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