सर्पदंश के मामले में फिर झाड़फूंक का अंधविश्वास बना मौत की वजह…महिला ने तोड़ा दम

बिलासपुर – बेलगहना चौकी क्षेत्र के केंदा अंतर्गत सिलपहरी गांव में सर्पदंश के बाद समय पर उपचार नहीं मिलने से एक महिला की मौत हो गई। जहरीले सांप के काटने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय गांव के बैगा के पास पहुंच गए। वहां रातभर झाड़फूंक के जरिए जहर उतारने का प्रयास किया जाता रहा। इस दौरान महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही। रविवार सुबह गंभीर अवस्था में सिम्स लाए जाने के कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया।सिलपहरी निवासी इतवारी पैकरा रोजी-मजदूरी करते हैं। शनिवार शाम वे पत्नी अनिता पैकरा और बच्चों के साथ घर पर थे। रात में अनिता सोने जा रही थी, तभी उसे जहरीले सांप ने काट लिया। सर्पदंश के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उसे गांव के बैगा के पास ले गए। बताया गया कि बैगा ने महिला की जांच के बाद जहर नहीं चढ़ने की बात कही और झाड़फूंक शुरू कर दी। महिला इस दौरान सीने में तकलीफ की शिकायत करती रही, लेकिन उसे रातभर वहीं रोक लिया गया। इलाज में देरी के बीच उसकी हालत गंभीर होती गई। रविवार सुबह करीब नौ बजे परिजन उसे लेकर सिम्स पहुंचे। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया, लेकिन कुछ ही देर बाद अनिता ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सर्पदंश के मामलों में झाड़फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचने को लेकर एक फिर अंधविश्वास हावी हो गया जिससे महिला की मौत हो गई।


