आवास और शौचालय योजना से वंचित भूमिहीन मजदूर ग्रामीणों ने लगाई कलेक्टर से गुहार…ग्राम पंचायत जैतपुर पर उदासीनता का आरोप

बिलासपुर – जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जैतपुर के कई गरीब और भूमिहीन मजदूर परिवार आज भी शासन की मूलभूत योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। कच्चे मकानों में रहने को मजबूर ग्रामीणों ने अब कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन देकर प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण और भूमिहीन मजदूर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उन्हें वर्षों से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। आवेदन में ग्राम जैतपुर निवासी सुमित्रा केंवट पति किरत राम ने बताया कि वह गरीबी रेखा के अंतर्गत जीवन-यापन कर रही हैं। परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और वह आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक उन्हें आवास स्वीकृत नहीं हुआ है, वहीं ग्राम पंचायत द्वारा भी आवास निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घर में शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए शौचालय निर्माण की योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जैतपुर के कई परिवार इन योजनाओं से अब तक दूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत स्तर पर आवेदन और जानकारी देने के बाद भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। भूमिहीन मजदूर परिवारों का कहना है कि उनके पास खेती योग्य जमीन या अन्य संपत्ति नहीं है। वे रोजी-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। शासन की भूमिहीन मजदूर योजना के अंतर्गत लाभ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पंचायत स्तर से उन्हें इसका लाभ भी नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर उदासीनता के कारण पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित रह गए हैं। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत जैतपुर में सर्वे कराकर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण और भूमिहीन मजदूर योजना का लाभ दिलाया जाए। अब देखना होगा कि कलेक्टर जनदर्शन में की गई इस शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गरीब परिवारों को कब तक शासन की योजनाओं का लाभ मिल पाता है।


