विराट भोजली महोत्सव से सिलपहरी हुआ सांस्कृतिक रंगों से सराबोर, त्रिलोक श्रीवास ने कहा—परंपराओं का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी

बिलासपुर- छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और तीज-त्योहारों की अपनी एक अलग पहचान है। यहां की सरलता, मेहनतकश प्रवृत्ति, ईमानदारी, आपसी भाईचारा और मिलनसारिता ही छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि पूरे देश-दुनिया में “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की पहचान बनी है। हमारी भाषा, संस्कृति और पारंपरिक त्योहार इस पहचान को और मजबूत करते हैं। भोजली तिहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति की ऐसी ही अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है।
उक्त बातें छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक, जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक-3 के मार्गदर्शक त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिलपहरी में आयोजित विराट भोजली महोत्सव के दौरान हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कही।श्री श्रीवास ने कहा कि भोजली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, प्रकृति प्रेम, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक है। पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। आधुनिकता के दौर में भी हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की मिट्टी, लोकगीत, लोकनृत्य, तीज-त्योहार और आपसी प्रेम से है। भोजली जैसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से हमारी संस्कृति जीवंत रहती है।ग्राम सिलपहरी में आयोजित भोजली महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन में उत्सव का माहौल देखने को मिला। पारंपरिक रीति-रिवाजों और लोक संस्कृति की झलक ने लोगों का मन मोह लिया। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने भोजली महोत्सव में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।कार्यक्रम को वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला, पंडित महेश मिश्रा, कांग्रेस नेता अमित यादव, नंदकिशोर यादव, श्रीमती इंद्राणी कौशिक एवं गौरी शंकर ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।कार्यक्रम का सफल संचालन ग्राम पंचायत के युवा एवं जुझारू सरपंच टीकाराम यादव ने किया। आयोजन के दौरान शुभम श्रीवास, युवा नेता अमन साहू, नरोत्तम पटेल, उपसरपंच राजकुमार पटेल, शेर पाल, द्वारिका प्रसाद पटेल, विनोद यादव, श्रीमती सुनीता यादव, सुश्री अनीता यादव, सुश्री दीपा यादव, पंडित जितेंद्र शर्मा ‘जीतू’, हीलेंद्र ठाकुर, गायिका लक्ष्मी करियारे तथा भाजपा नेता पुनिराम साहू महाराज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।इस अवसर पर आयोजन समिति श्री संकट मोचन सेवा समिति के सदस्यों द्वारा वरिष्ठ कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास का आतिशबाजी, पुष्पहार एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। आयोजन में क्षेत्र के दर्जनों गांवों से पहुंचे हजारों लोगों की मौजूदगी ने भोजली महोत्सव को यादगार बना दिया।ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।


