बिलासपुर

गुरु-शिष्य परंपरा का अद्भुत संगम, गुरुजनों के सम्मान और सहपाठियों के संग 32 वर्षों बाद भावुक मिलन

बिलासपुर – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपोरा विकासखंड कोटा सत्र 1993-94 में जब यह विद्यालय हाई स्कूल था, कक्षा दसवीं अध्यनरत छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने 32 वर्ष बाद दिनांक 31 मई 2026 को चापी जलाशय चपोरा में सहपाठियों का भेंट मुलाकात और शिक्षकों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम में लगभग 52 छात्र छात्राएं और 7 शिक्षक उपस्थित थे, कार्यक्रम में सर्वप्रथम मां सरस्वती माता का पूजा और वंदना किया गया, इसके पश्चात 1993-94 के शिक्षक जो वर्तमान में दिवंगत हो गए हैं प्राचार्य के आर गहवई, शिक्षक जेपी दुबे, श्यामजी लश्कर, भारत सिंह ठाकुर एवं लखन सिंह ठाकुर तथा दिवंगत विद्यार्थी गेंदराम, जागेश्वर कौशिक, राजेश साहू, रामकृपा जायसवाल, सुरेश पैकरा आदि को उनकी आत्मा शांति के लिए दो मिनट का मौन व्रत रखा गया l तत्पश्चाप उपस्थित पूर्व शिक्षकगण श्री पी के देहरी रिटायर्ड प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरारी विकासखंड बिल्हा, श्री आर एस साहू व्याख्याता शासकीय हाई स्कूल खैरा, श्री ए आर कश्यप प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक सेमरसल जिला मुंगेली, श्री एच सी साहू सेवानिवृत्त प्रधान पाठक, श्री बी एस ‍पैकरा सेवानिवृत्त व्याख्याता हाई स्कूल पुडु विकासखंड कोटा, श्री आर जगत प्राचार्य हाई स्कूल कर्रा विकासखंड कोटा एवं श्री एस एल साहू सेवानिवृत्त व्याख्याता शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांपा जिला जांजगीर चांपा को बेंच एवं गुलदस्ता से स्वागत किया गया l पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित सभी सहपाठी को स्कूल रजिस्टर के अनुसार क्रम से मंच पर आमंत्रित किये, सभी सहपाठी अपना परिचय देते हुए 10वी कक्षा के बाद आगे क्या किए अपने जीवन का संक्षिप्त जानकारी दिए, तत्पश्चात सभी सम्माननीय गुरुजनों को सम्मान स्वरूप डायरी, पेन, गमछ, नारियल फल एवं गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया l
कार्यक्रम में महिला और पुरुषों का कुर्सी दौड़ रखा गया जिसमें महिला वर्ग में प्रथम स्थान आराधना जायसवाल और दूसरा स्थान सविता जायसवाल रही और पुरुष वर्ग में प्रथम स्थान जानसिंह पैकरा और दूसरा स्थान राजाराम यादव रहा | साथ ही 1994 बोर्ड परीक्षा में स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त राजकुमार आर्मो, द्वितीय स्थान प्राप्त लखन सिंह पोर्ते और तृतीय स्थान प्राप्त ममता दुबे को पुरस्कृत किया गया | श्री राजकुमार आर्मो द्वारा बताया गया कि सभी सहपाठियों को जोड़ने के लिए नरसिंह देहरी जो कि जशपुर में निवासरत है के विशेष सहयोग एवं अजय कुमार साहू, चंद्रकांत साहू, मूलचंद जायसवाल, पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर, उत्तरा जायसवाल, देवकी मरावी, राजकुमार आर्मो और शिवनाथ यादव द्वारा लगातार प्रयास से संपर्क कर सभी सहपाठियों को एकत्र किया गया l
तत्पश्चात श्री पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर में मंच संचालन करते हुए सभी गुरुजन को संबोधन के लिए आमंत्रित किया l संबोधन करते हुए श्री पीके देहरी ने संबोधन में कहा कि मेरे कहे कुछ शब्द आपको कठोर या अनुशासन के रूप में लगे हों। लेकिन आज, जीवन के इस पड़ाव पर, मुझे पूरा विश्वास है कि वे संस्कार और सीख आपके मार्गदर्शक बने होंगे। श्री आरके जगत ने कहा कि एक शिक्षक का सबसे बड़ा पुरस्कार यही होता है कि उसके विद्यार्थी ज्ञान की सीढ़ियाँ चढ़कर समाज और देश के निर्माण में अपना योगदान दें। श्री एआर कश्यप ने कहा कि आज के इस पुनर्मिलन में, हम केवल अपनी पुरानी यादों को ताज़ा नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह देखने का भी अवसर है कि हमारा दिया हुआ ज्ञान कैसे एक वटवृक्ष बन चुका है। श्री एस एल साहू जी ने कहा कि एक शिक्षक के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी और गुरु दक्षिणा यही होती है कि उसके विद्यार्थी उससे भी ऊंचे मुकाम पर पहुँचें। श्री आर एस साहू ने कहा कि आज जब मैं आप में से किसी को डॉक्टर, किसी को इंजीनियर, किसी को सफल व्यवसायी, तो किसी को एक बेहतरीन माता-पिता या जिम्मेदार नागरिक के रूप में देखता हूँ, तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। श्री एच सी साहू ने कहा कि आपकी यह सफलता केवल आपकी नहीं, बल्कि हमारी उस साझा तपस्या की जीत है जो हमने सालों पहले क्लासरूम की उन दीवारों के बीच शुरू की थी। उस समय अनुशासन बनाए रखने के लिए दी गई हमारी डांट या सख्ती के पीछे केवल एक ही तड़प थी कि आपका भविष्य उज्ज्वल हो। आज मुझे संतोष है कि हमारी वह डांट आपके जीवन का सुरक्षा कवच बनी। श्री बी एस पैकरा ने कहा कि 32 साल बाद का यह मिलन सिर्फ यादों को ताजा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि वक्त चाहे कितना भी बदल जाए, गुरु और शिष्य का यह पवित्र रिश्ता कभी नहीं बदलता | इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी गुरुजन एवं सहपाठियों को कार्यक्रम की स्मृति हेतु मोमेंटो प्रदान किया गया l
इस कार्यक्रम में अजय कुमार साहू, अनिल कुमार राज, आराधना जायसवाल, चंद्रकांत साहू, देवकी मरावी, देवसिंह मरावी, ढालसिंह, गुरुदेव सिंह, गीता राम श्रीवास, जागेश्वर श्रीवास, कचरा साहू, कुंवर सिंह यादव लाहोरिक, लोकनाथ, लक्ष्मी प्रसाद तिवारी, ममता दुबे, मनोज कुमार पोर्ट, मूलचंद जायसवाल, नंदकुमार साहू, नरसिंह देहरी, परमानंद जायसवाल, पुरुषोत्तम सिंह ठाकुर, राजाराम यादव, राजीव कुमार, रामायण सिंह पैकरा, राजकुमार आर्मो, रामचंद्र लश्कर, रामू दास मानिकपुरी, रूप सिंह, संतोषी साहू, संतोष कुमार कुलदीप, सविता जायसवाल, शंकर सिंह, शिवदुलारी पैकरा, शिवनाथ यादव, शिव प्रसाद, सुकृत दास, सुनील कुमार साहू, टेकुराम कश्यप, तीरथ राम जयसवाल, टवाल सिंह, उमराज सिंह धुर्वे, उत्तरा जायसवाल, विनोद कुमार खांडे, यशोदा मरावी, संतोष श्याम, शंकर सिंह राज, जानसिंह पैकरा, कृष्ण कुमार साहू, कुंवर सिंह, परमेश्वर जायसवाल आदि सभी उपस्थित रहेl

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