बिलासपुर

अंडर-18 हॉकी एशिया कप में भारत बना चैंपियन, बिलासपुर के अवी मानिकपुरी रहे टीम का हिस्सा, शहर में जश्न, युवाओं को मिली नई प्रेरणा

डेस्क

बिलासपुर – भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने जापान को 4-1 से हराकर एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत में बिलासपुर के युवा खिलाड़ी अवी मानिकपुरी भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनकी इस उपलब्धि से पूरे बिलासपुर में खुशी और गर्व का माहौल है। शहर के जेल चौक में हॉकी प्रेमियों ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर जीत का जश्न मनाया।

टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। फाइनल में जापान के खिलाफ भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और 4-1 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। भारत का यह अंडर-18 हॉकी एशिया कप में तीसरा खिताब है। इससे पहले भारतीय टीम 2001 और 2016 में भी चैंपियन बनी थी।

कुदुदंड से निकलकर एशिया चैंपियन टीम तक पहुंचा बिलासपुर का बेटा

छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के महासचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि यह पूरे प्रदेश और विशेष रूप से बिलासपुर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि बिलासपुर के छोटे से मोहल्ले कुदुदंड से निकलकर अवी मानिकपुरी ने भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। सेमीफाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और टीम की सफलता में योगदान दिया।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि बिलासपुर के हॉकी इतिहास में लगभग 63 साल बाद ऐसा अवसर आया है जब शहर का कोई युवा खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी चैंपियनशिप में खेला और खिताब जीतने वाली टीम का सदस्य बना। इससे जिले के अन्य खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और भविष्य में कई युवा भारतीय टीम तक पहुंचने के लिए प्रेरित होंगे।

बिलासपुर के हॉकी इतिहास में नया अध्याय

जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष रोहित वाजपेई ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अतीत में महान हॉकी खिलाड़ी Leslie Claudius ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन वे बिलासपुर के मूल निवासी नहीं थे, बल्कि नौकरी के सिलसिले में यहां आए थे। उन्होंने पूर्व खिलाड़ियों प्रमोद राय और अब्दुल वफार का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने भारतीय टीम के साथ साइड टूर किए थे, लेकिन पहली बार बिलासपुर का कोई युवा खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बनकर आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में उतरा है और चैंपियन टीम का सदस्य बना है।

शहर में जश्न, युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

अवी मानिकपुरी की सफलता से बिलासपुर के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। खेल प्रेमियों का मानना है कि उनकी उपलब्धि से शहर में हॉकी को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही बिलासपुर के नाम भी एक नई उपलब्धि दर्ज हो गई है।

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