एक रोटी कम खाओ, बच्चों को जरूर पढ़ाओ: प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा पर जोर, जीपी राज का आह्वान

सीपत – गोंडवाना आदिवासी समाज कर्मचारी संघ द्वारा रविवार को लुतरा के आदिवासी समाज भवन में आदिवासी प्रतिभा उत्साहवर्धन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पांचवीं , आठवीं , दसवीं और बारहवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के प्रतिभावान बच्चों का समाज के द्वारा अक्षत , तिलक , मोमेंटो , पेन , डायरी एवं माला पहनाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महासभा केंद्र जेवरा के महासचिव जीपी राज , विशिष्ट अतिथि के रूप में लुतरा मंडल के अध्यक्ष भागवत आर्मोर , लुतरा प्रमंडल अध्यक्ष भागीरथी पोर्ते , मोहन पावले अध्यक्ष प्रमंडल बसहा, लुतरा सरपंच चंद्रमणि मरावी , गुहाराम आर्मोर, चंदलाल कमरों , नारायण सिंह मरावी , ईश्वर सिंह सरुता , कार्तिक मरावी सहित अन्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भूनेश्वर सिंह मरावी ने किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र पोर्ते ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महासभा केंद्र जेवरा के महासचिव जीपी राज ने कर्मचारी संघ के इस प्रयासों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि समाज की दिशा व दशा को सुधारना है तो सब मिलकर एकजुटता के साथ मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि माता पिता ही बच्चों के प्रथम गुरु होता है। आप घर में सकारात्मक वातावरण तैयार करें निश्चित ही आपके बच्चे सफलता की ओर आगे पढ़ेंगे। विशिष्ट अतिथि लुतरा मंडल अध्यक्ष भागवत आरमोर ने कहा कि एजुकेशन हब दूसरे चरण की शुरुआत लूतरा से हो चुका है। पढ़ने से ही भलाई है। आप सभी अपना एक उद्देश्य बनाइए और उस उद्देश्य पर आप दृढ़ इच्छाशक्ति रखकर आगे बढ़े। दृढ़ इच्छाशक्ति रखोगे तो सफलता निश्चित ही एक दिन आपके कदम चूमेगी।

लुतरा प्रमंडल अध्यक्ष भागीरथी पोर्ते ने कहा कि गौरवान्वित हो रहा है कि पहले बार इस प्रमंडल में यह अच्छा , सराहनीय पहल की शुरुआत की। शिक्षा समाज की ताकत है , शिक्षा को कोई चुरा नहीं सकते। प्रत्येक पालक अपने बच्चों के लिए प्रतिदिन एक दो घंटे समय निकाले और उन्हें समय दे। सलाहकार संतोष राज ने कहा कि शिक्षा भविष्य की आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी है। जब तक शिक्षा ग्रहण नहीं करेंगे समाज का विकास नहीं हो पाएगा। उन्होंने अभिभावकों से पढ़ाई की अपील। पढ़ाई के लिए गरीबी आड़े नहीं आना चाहिए। बच्चों को सुसंगत कराएं। उन्होंने संस्कारवान बनाएं।

बच्चा तरक्की करता है तो माता पिता के साथ समाज में भी खुशी की लहर होती है। पुष्कर मरावी ने कहा कि हर कर्मचारी के पीछे कोई न कोई इतिहास है। अभिभावकों से आग्रह किया कि आप बच्चों के लिए जिएं। बच्चा की खुशी व सफल होने की नशा माता पिता के लिए बहुत अच्छा होता है। आप अपने प्रतिभा को सामने लाएं , दबाकर न रखें। कार्यक्रम को सफल बनाने में पुष्कर मरावी, जयतराम मरावी,पन्नालाल मरावी, रविंद्र आर्मोर, संतोष राज,नरेंद्र मरावी शिव नारायण आर्मोर, सुहावन उईके, प्रीतम पोर्ते, शैल सरूता , धनैया मरावी, सावित्री पोर्ते , सीता पोर्ते , अनुमा आर्मोर सहित कर्मचारी संघ के सभी सदस्यों के अलावा समाज के लोगों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में एक रोटी कम खाओ , अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ का संदेश दिया गया तथा शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।


