कोटा

अंधे कत्ल में पुलिस की वैज्ञानिक जांच लाई रंग…आरोपी को आजीवन कारावास, तत्कालीन प्रभारी राज सिंह की सटीक विवेचना,

बिलासपुर – बेलगहना चौकी पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में महज 24 घंटे के भीतर सुलझाए गए अंधे कत्ल मामले में न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले की खास बात यह रही कि सुनवाई के दौरान सभी प्रत्यक्ष गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, ई-साक्ष्यों, फोटो-वीडियोग्राफी और मेमोरेंडम व जब्ती के मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। मामला चौकी बेलगहना, थाना कोटा के अपराध क्रमांक 769/2025 का है। 4 अगस्त 2025 को पहाड़बछाली निवासी गंगा बाई गंधर्व ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि छेदीलाल यादव की किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। विवेचना के दौरान संदेह के आधार पर पहाड़बछाली निवासी यशराज भानु उर्फ छोटा 20 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त टांगिया बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे 5 अगस्त 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। पुलिस के अनुसार तत्कालीन बेलगहना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राज सिंह ने नवीन आपराधिक कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए ई-साक्ष्य, फोटो एवं वीडियोग्राफी सहित वैज्ञानिक तरीके से विवेचना की। यही मजबूत तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत में निर्णायक साबित हुए। गवाहों के होस्टाइल हो जाने के बावजूद न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला वैज्ञानिक जांच और सटीक विवेचना की प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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