पचपेड़ी

पचपेड़ी पुलिस की लापरवाही से परिजन निराश….हादसे के दो महीने बाद भी FIR दर्ज नहीं, करंट की चपेट में आए मासूम की मौत पर न्याय की गुहार

बिलासपुर – जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जोंधरा में दो महीने पहले हुए दर्दनाक हादसे में अब तक न्याय की उम्मीद अधूरी ही है। 4 अक्टूबर 2025 को जोंधरा निवासी मासूम गौरव कुमार केंवट पिता विनोद कुमार केंवट की मौत खेत में लगाए गए अवैध झटका करंट की चपेट में आने से हो गई थी। खेत मालिक मुन्नीलाल पाड़े के खेत में लगे करंट वाले तारों से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसे परिजन तत्काल मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मस्तूरी में बच्चे का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की भूमिका को लेकर खड़ा हो रहा है। परिजन हादसे के तुरंत बाद पचपेड़ी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने FIR दर्ज करने से साफ इनकार कर दिया।

तर्क दिया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामला दर्ज होगा। परंतु दो महीनों का लंबा समय बीत जाने के बावजूद अब तक न तो रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है और न ही आरोपी खेत मालिक पर किसी तरह की ठोस कार्रवाई हुई है। परिजनों का आरोप है कि पचपेड़ी पुलिस ने घटना के बाद मुन्नीलाल को बुलाकर पूछताछ तो की, लेकिन बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उसे छोड़ दिया, जिससे उन्हें गहरी आशंका है कि पुलिस जानबूझकर मामले को दबा रही है। न्याय की इसी तलाश में पीड़ित परिजन बुधवार को एसएसपी रजनेश सिंह से मिले। उन्होंने पूरी घटना बताई और पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। एसएसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए मातहतों को तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिजनों का कहना है कि उनका बच्चा तो अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन कम से कम आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो हो, ताकि भविष्य में किसी और परिवार की ऐसी पीड़ा न हो। उनकी एक ही गुहार है हमारे बच्चे की मौत बेकार न जाए… हमें न्याय मिले।

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