बिलासपुर में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, आदिवासी महिला ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में जमीन धोखाधड़ी का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बुजुर्ग महिला की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन को बिना एक भी रुपया भुगतान किए, साजिश के तहत अपने नाम कराने का आरोप लगा है। न्याय की गुहार लेकर पीड़िता ने बिलासपुर जिला कलेक्टर के समक्ष जनदर्शन में उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। गोड़पारा निवासी मंजूलता आनंद उम्र 61 वर्ष, अपनी 81 वर्षीय वृद्ध और बीमार मां गिरिजा आनंद की ओर से मुख्तियार आम नियुक्त हैं। उन्होंने मौजा व्यापार विहार स्थित खसरा नंबर 254/35 की कुल 0.0400 हेक्टेयर भूमि में से 2180 वर्ग फीट जमीन का सौदा अंकित एक्का नामक व्यक्ति से किया था। यह सौदा 19 मार्च 2026 को कुल 1,90,86,000 रुपये में तय हुआ था। विक्रय पत्र में भुगतान के रूप में एचडीएफसी बैंक, लिंक रोड शाखा के चार अलग-अलग चेक का उल्लेख किया गया था। पीड़िता मंजूलता का आरोप है कि क्रेता अंकित एक्का ने रजिस्ट्री में चेकों का उल्लेख तो कर दिया, लेकिन आज तक एक भी चेक उन्हें सौंपे नहीं। जब भी पैसों की मांग की गई, आरोपी हीला-हवाला करता रहा। हद तो तब हो गई जब आरोपी अंकित एक्का ने संजोग अग्रवाल और सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक मथुरा प्रसाद कश्यप से मिलीभगत कर ली और बिना कोई भुगतान किए इस भूमि का नामांतरण भी अपने नाम पर दर्ज करा लिया गया। पीड़िता ने बताया कि इस धोखाधड़ी के खिलाफ उन्होंने 27 मई 2026 को थाना सिविल लाइन, बिलासपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। मंजूलता आनंद ने आशंका जताई है कि आरोपी उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं, जिससे उनका पूरा परिवार डरा और सहमा हुआ है। पीड़िता ने मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए इस फर्जीवाड़े की त्वरित जांच कर दोषियों को जेल भेजा जाए और उनकी जमीन वापस दिलाई जाए।
25 शब्दों में हेडिंग बनाए


