मस्तूरी

मस्तूरी में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी! बच्चों के हाथों में किताब की जगह सफाई का कपड़ा, वायरल वीडियो के बाद जागा विभाग,मॉनिटरिंग पर गंभीर सवाल


बिलासपुर – न्यायधानी के मस्तूरी ब्लॉक में एकबार फिर छात्र छात्राओं के अध्ययन अध्यापन की जमीनी हकीकत ने शिक्षा विभाग को शर्मिंदा किया है। जहा उच्च अधिकारियों के नाक के नीचे सरकारी स्कूलों में नवाचार कराना छोड़ शिक्षक बच्चों से कुर्सी साफ कराने का काम करा रहे है। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमे शासकीय प्राथमिक शाला बेलटुकरी में छात्र से स्कूल समय में सफाई कार्य कराते साफ देखा जा सकता है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर सरकारी शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आपको बता दे कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 स्पष्ट कहता है कि किसी भी बच्चे से गरिमापूर्ण व्यवहार के विरुद्ध कोई कार्य नहीं कराया जा सकता। छात्र से झाड़ू लगवाना , साफ सफाई का कार्य न केवल बाल अधिकारों का हनन है, बल्कि यह स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति और व्यवस्था की पोल भी खोलता है। ताज्जुब की बात यह है। कि इस पूरे घटनाक्रम को एक राहगीर ने अपने कैमरे में कैद किया है।

जिसके वायरल होने के बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अमले की कुंभकर्णी नींद टूटी है और अनन फानन में प्रधान पाठक को नोटिस जारी कर 9 सितंबर तक जवाब तलब करने निर्देश दिए हैं। सवालों के कटघरे में हमेशा से घिरा मस्तूरी ब्लॉक एकबार फिर एक वीडियो वायरल होने के बाद ही जागा। सवाल यह है कि संकुल और ब्लॉक स्तर की मॉनिटरिंग क्या केवल कागजों तक सीमित है? क्या समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण होता तो यह स्थिति बनती? मामले में स्थानीय पालकों और शिक्षा से जुड़े लोगों का कहना है कि कार्रवाई सिर्फ एक प्रधान पाठक तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जरूरत है कि पूरे मस्तूरी विकासखंड के स्कूलों में सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों की उपलब्धता और बच्चों से किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक कार्य न कराने को लेकर सख्त निर्देश और जमीनी जांच हो।

जिले के शिक्षा विभाग कि छवि को तार तार करने मस्तूरी ब्लॉक की अहम भूमिका,, जिम्मेदार अधिकारी पर पूरा सिस्टम है मेहरबान…

बीते कुछ महीनों अपितु कुछ वर्षों में हुई घटना पर प्रकाश डाले तो मस्तूरी ब्लॉक ने अधिकांश शराबी शिक्षक, स्कूलों में नशाखोरी सहित बच्चों से साफ सफाई का काम कराने का मामला बड़ी संख्या में सामने आया है। ताज्जुब की बात यह है। सभी मामलों में प्रकाशित खबर या फिर वायरल वीडियो के आधार पर ही ब्लॉक में बैठे अधिकारियों को इसकी भनक लगती है। ऐसे में सवाल तो हमेशा से मस्तूरी ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों के कार्यप्राणी पर उठ ही रहे है। इन सब के बीच पूरा शिक्षा महकमा इन अधिकारियों के ऊपर काफी मेहरबान नजर आते रहे है। जिसके फलस्वरूप मस्तूरी ब्लॉक कि शिक्षा व्यवस्था का मखौल
सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफार्म मे चर्चा का विषय बना रहता है जिसे सुधारने अब भी उचित कदम उठाने की जरूरत समझी जा रही है।

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