बिलासपुर के दो शिक्षकों ने रचा गौरव का अध्याय…राज्य शिक्षक सम्मान के बाद जिला शिक्षा कार्यालय में हुआ सम्मान,

बिलासपुर – राज्य शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित होकर जिले को गौरवान्वित करने वाले दो व्याख्याताओं का सम्मान समारोह न्यायधानी बिलासपुर में आयोजित किया गया। सोमवार को पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रभारी डीईओ वर्षा शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मान समारोह में पीएम श्री कन्या शाला सरकंडा के व्याख्याता प्रवीण मिश्रा और स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय तिफरा के व्याख्याता जय कौशिक का शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।गौरतलब है कि राज्य शिक्षक सम्मान पुरस्कार 2025-26 के लिए प्रदेशभर से कुल 64 शिक्षकों का चयन किया गया था। जिसमें बिलासपुर जिले से दो शिक्षकों – व्याख्याता प्रवीण मिश्रा और जय कौशिक को उनके स्कूलों में किए गए नवाचार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया।
इस गौरवमयी उपलब्धि को यादगार बनाने और जिले के अन्य शिक्षकों को प्रेरणा देने के उद्देश्य से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी ने दोनों शिक्षकों के सम्मान का निर्णय लिया। इस अवसर पर डीईओ कार्यालय की पूरी टीम और शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जहा राज्य शिक्षक सम्मान मिलने पर दोनों शिक्षकों ने इसे पुरस्कार नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करते हुए भविष्य में भी सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही। इसी बीच शिक्षा विभाग ने भी दोनों शिक्षकों के जज्बे को सलाम करते हुए उनकी हर कार्ययोजना में भरपूर सहयोग का भरोसा दिलाया है।
तिफरा स्कूल बना सरकारी स्कूलों के लिए मिसाल – जय कौशिक
सम्मान समारोह में बताया गया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल तिफरा के व्याख्याता जय कौशिक के नेतृत्व में स्कूल ने छत्तीसगढ़ में एक अलग पहचान बनाई है। उनके द्वारा स्कूल में परीक्षा परिणाम सुधारने, बच्चों की दर्ज संख्या बढ़ाने, खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन, सांस्कृतिक मंच का संचालन, योग को घर-घर पहुंचाने, नशा मुक्ति अभियान, पर्यावरण जागरूकता, स्वच्छ भारत अभियान, हर घर तिरंगा, कारगिल दिवस, सिपाही रक्षा सूत्र, शत-प्रतिशत मतदान के लिए मानव श्रृंखला, स्वच्छता संदेश जैसी सैकड़ों गतिविधियों में विशेष सहभागिता दी गई है।लेखक के रूप में भी श्री कौशिक ने अपनी प्रेरणादायक पुस्तक “सफर – सफलता की राह” से साहित्य के क्षेत्र में भी पहचान बनाई है। इस पुस्तक का विमोचन साहित्य उत्सव और सी.वी. रमन विश्वविद्यालय में किया जा चुका है।
सरकारी स्कूल में दर्ज संख्या 295 से बढ़ाकर 2500 तक पहुंचाई
जय कौशिक ने बताया कि जब वर्ष 2008 में वे तिफरा स्कूल में पदस्थ हुए थे, तब स्कूल में मात्र 295 छात्र थे। उनके और टीम के अथक प्रयासों से आज यह संख्या बढ़कर 2500 हो गई है और अगले दो वर्षों में 3000 तक पहुंचने की संभावना है। स्कूल की प्रमुख उपलब्धियों में – बोर्ड परीक्षा में लगातार शत-प्रतिशत परिणाम, 2019-20 में छात्रा मानवी कौशिक का टॉप-10 में स्थान, 2024 में 100 बच्चों का प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होना, छात्रा सुमन कैवर्त का भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर हैदराबाद में जूनियर वैज्ञानिक के रूप में चयन, 2026 में तीन छात्राओं राधिका, रजनी और हर्षिता का NEET में चयन और 8वीं की छात्रा का मलखंब में ऑल इंडिया के लिए चयन शामिल है। उनके इन कार्यों के लिए उन्हें 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक गौरव सम्मान, 2019 में स्वतंत्रता दिवस पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान, 2022 में शिक्षा दूत सम्मान, 2023 व 2025-26 में योगाचार्य सम्मान, 2024 में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान सहित अनेक राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
पीएम श्री कन्या सरकंडा स्कूल के व्याख्याता प्रवीण मिश्रा का भी अनुकरणीय कार्य
इसी तरह पीएम श्री कन्या सरकंडा स्कूल के व्याख्याता प्रवीण मिश्रा ने भी सरकारी स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने, उनके स्वास्थ्य के प्रति सजगता और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण पेश किया है। उनके स्कूल में एनीमिया से पीड़ित एक छात्रा की जान बचाने के लिए स्वयं रक्तदान कर उन्होंने समाज को प्रेरणा दी। साथ ही सरकारी स्कूल के बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने आर्थिक सहयोग देकर उनके भविष्य को नया आयाम तक पहुंचाया है।


