रायगढ़

कहासुनी ने लिया खूनी रूप: टांगी से वार कर ग्रामीण की हत्या, सनसनीखेज वारदात से क्षेत्र में मचा हड़कंप,

रायगढ़ – जिले के कापू थाना क्षेत्र के ग्राम पखनाकोट में आपसी कहासुनी के बाद हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। इलाज कराने की बात को लेकर हुए विवाद में एक ग्रामीण ने चैतराम यादव उर्फ महेश यादव 50 वर्ष पर टांगी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने हत्या में प्रयुक्त टांगी जंगल में पत्थर के नीचे छिपा दी थी। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी नैहर साय मांझी 45 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी भी बरामद कर ली गई है।पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को कापू पुलिस को पखनाकोट में चैतराम यादव की हत्या की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के निर्देश पर थाना प्रभारी धर्माराम तिर्की पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान मृतक का शव आरोपी के घर की परछी में जमीन पर पड़ा मिला। मृतक के भतीजे वासुदेव यादव तथा परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि 13-14 सितंबर की दरम्यानी रात गांव का ही नैहर साय मांझी मृतक के घर पहुंचा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर हत्या का अपराध दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने आरोपी को गांव से हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके इलाज कराने की बात और आपसी कहासुनी को लेकर विवाद बढ़ गया था। इसी दौरान उसने चैतराम यादव पर टांगी से वार कर दिया। वारदात के बाद उसने टांगी को छाताघुरा जंगल में ले जाकर पत्थर के नीचे छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर जंगल पहुंचकर टांगी बरामद कर जब्त कर ली। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एएसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के सुपरविजन में कापू पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे में हत्या की गुत्थी सुलझाई। कार्रवाई में थाना प्रभारी धर्माराम तिर्की, प्रधान आरक्षक लक्ष्मी कैवर्त, सोमेश गोस्वामी, आरक्षक संजीव पटेल, कन्हैया लाल भगत और विभूति सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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