स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में मासूम की हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन घंटे में सुलझाया मामला…नाबालिग पड़ोसी निकला आरोपी,

बिलासपुर – मंगलवार को थाना सरकंडा क्षेत्र के स्वर्णिम ईरा कॉलोनी में एक नाबालिग बालिका की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था, जिसे पुलिस ने महज तीन घंटे में सुलझा लिया। इस घटना में आरोपी नाबालिग बालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को घटना की जानकारी मिलते ही वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बघेल और अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू हुई। मृतिका 5 वर्षीय बच्ची 24 फरवरी की शाम घर से अचानक लापता हो गई थी। 25 फरवरी की सुबह उसकी लाश निर्माणाधीन मकान में मिली। पुलिस ने कॉलोनी में रहने वाले मजदूरों और उनके बच्चों से पूछताछ की तथा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। नौ संदिग्धों की पहचान की गई, जिनमें से एक नाबालिग बालक को मृतिका के साथ जाते देखा गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। बाल कल्याण अधिनियम के तहत आरोपी को हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया जा रहा है। इस सफलता में थाना सरकंडा और एसीसीयू की अहम भूमिका रही।
पुलिस ने पालकों से की अपील…
मामले में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी नाबालिग के बारे में यह तथ्य सामने आए है कि वह मोबाईल पर अश्लील वीडियो देखने का आदि था, जिसके द्वारा मासूम बच्ची के साथ अनैतिक कार्य को अंजाम देने के मक़सद से ले जाया गया था और जोर जबरदस्ती की जा रही थी, लेकिन बच्ची ने इसका विरोध किया, जिससे असफल नाबालिग आरोपी ने पास ही पड़े लकड़ी के बत्ते से उसके सिर पर हमला कर उसे लहूलुहान कर वही छोड़कर फरार हो गया, जिससे मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस अपराध को लेकर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सभी पालकों को अपने बच्चों की हरकतों पर ध्यान देना आवश्यक है उनका बच्चा क्या कर रहा है, कहाँ है, मोबाईल का उपयोग कैसे कर रहा है, क्योकि नाबालिग बच्चे के दिमाग का विकास नही हो पाया रहता, जिसकी वजह से वह सही और गलत को समझ नही पाता और अनजाने में ही किसी न किसी अपराध को अंजाम दे देता है।


