पढ़ाई प्रभावित : शिक्षकों की ड्यूटी और ट्रांसफर से छात्र परेशान….बोर्ड परीक्षाओं पर पड़ सकता है असर

बिलासपुर – शासन की विभिन्न योजनाओं को पूरा कराने के लिए एक बार फिर स्कूल शिक्षकों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके साथ ही शिक्षा सत्र के बीच शिक्षकों के ट्रांसफर ने भी स्कूलों की व्यवस्था बिगाड़ दी है। इन परिस्थितियों का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है, खासकर उन विद्यार्थियों पर जो कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हैं। समय कम बचा है, लेकिन कई स्कूलों में विषयवार पढ़ाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है, जिससे छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है। गौरतलब है कि कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक लगातार गैरहाजिर रहते हैं या फिर शासकीय कार्यों में व्यस्त होने के कारण कक्षाओं में कम समय दे पा रहे हैं। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे अहम विषयों के शिक्षक स्कूलों से गायब रहते हैं, जिससे बच्चे स्वयं अध्ययन करने को मजबूर हैं। कई कक्षाओं में छात्र सुबह से शाम तक बिना मार्गदर्शन के पढ़ाई करते दिखाई देते हैं। वहीं जब कोई शिक्षक कक्षा में पहुंचता है तो विद्यार्थियों को थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन नियमित पढ़ाई बाधित होने से उनके कोर्स अधूरे रह गए हैं। छात्र अपनी समस्याएं खुलकर बता नहीं पा रहे, जबकि अभिभावक और विद्यालय प्रबंधन भी असहाय नजर आ रहे हैं। ऐसे में जिम्मेदार शिक्षकों को आगे आकर स्थिति सुधारने की जरूरत है, क्योंकि विभाग की यह लापरवाही बच्चों के भविष्य से सीधा जुड़ी हुई है। जब इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे से सवाल किया गया, तो उन्होंने माना कि शासकीय कार्यों के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि एक्स्ट्रा क्लास लगाकर कमी पूरी की जाएगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन परिस्थितियों का आगामी बोर्ड परीक्षाओं के रिज़ल्ट और सफलता प्रतिशत पर कितना असर पड़ता है।


