सिम्स में आधुनिक चिकित्सा सुविधा का विस्तार, नी-आर्थ्रोस्कोपी और सी-आर्म मशीनों का शुभारंभ

बिलासपुर – छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में मरीजों को आधुनिक और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सिम्स में नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन एवं दो नई सी-आर्म मशीनों का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुभारंभ किया गया। सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने पूजा-पाठ कर मशीनों का शुभारंभ किया। नई नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन को इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर में स्थापित किया गया है। दरअसल, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने संस्थान में जल्द ही दूरबीन के माध्यम से जोड़ की सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद निर्धारित समय में मशीन उपलब्ध कराकर अब इसका विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। इससे सिम्स में घुटने और जोड़ से संबंधित जटिल मामलों के उपचार की आधुनिक सुविधा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

छत्तीसगढ़ शासन की ओर से करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सिम्स को दो सी-आर्म मशीन और एक अत्याधुनिक नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन उपलब्ध कराई गई है। नई मशीनों के मिलने के बाद सिम्स में अब कुल तीन सी-आर्म मशीनें हो गई हैं। इन मशीनों की मदद से प्रतिमाह करीब 90 से 120 ऑपरेशन किए जा सकेंगे। वहीं नी-आर्थ्रोस्कोपी मशीन से हर महीने लगभग 20 से 30 ऑपरेशन किए जाने की क्षमता होगी। नी-आर्थ्रोस्कोपी आधुनिक दूरबीन आधारित शल्य तकनीक है, जिसमें घुटने के जोड़ में छोटे छिद्र के जरिए कैमरा और विशेष उपकरण पहुंचाकर अंदर की स्थिति को हाई-डेफिनिशन मॉनिटर पर देखा जाता है। इसके माध्यम से लिगामेंट, मेनिस्कस और कार्टिलेज से जुड़ी समस्याओं का सटीक उपचार किया जा सकता है। बड़े चीरे की आवश्यकता कम होने के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और अपेक्षाकृत जल्दी रिकवरी का लाभ मिलता है। इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि 15 अगस्त को की गई घोषणा अब धरातल पर उतर गई है। नी-आर्थ्रोस्कोपी सुविधा शुरू होने से मरीजों को आधुनिक उपचार के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम होगी। वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि नई मशीनों से सिम्स की ऑपरेशन क्षमता बढ़ेगी और गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों के उपचार में चिकित्सकों को काफी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. भावना रायजादा, डॉ. प्रमोद जायसवाल, डॉ. तरुण सिंह, डॉ. संजय गिल्ले, डॉ. सोमेश शुक्ला, डॉ. रौनक चौबे, डॉ. हिमांशु राजपूत, आशुतोष शर्मा, अर्जुन सिदार, गरिमा पाण्डेय सहित सिम्स के चिकित्सक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


