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फाइल अटकी! प्रमोशन लटका! बिलासपुर के RHO परेशान – तृतीय वर्ग संघ ने संयुक संचालक को घेरा

भुवनेश्वर बंजारे


बिलासपुर – न्यायधानी बिलासपुर से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बिलासपुर संभाग के विभिन्न जिलों में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (RHO) महिला-पुरुष कर्मचारियों ने विभागीय ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिया है, लेकिन महीनों बाद भी उन्हें “नेत्र सहायक अधिकारी” के पद पर प्रमोशन नहीं दिया गया है। जिसको लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के बैनर तले बिलासपुर संभाग के जेडी डॉ गायत्री बाँधी को को ज्ञापन सौंपा मामले में विस्तृत चर्चा की। संघ के संभाग अध्यक्ष सूर्य प्रकाश कश्यप के नेतृत्व में जेडी को ज्ञापन सौंपा गया। जहा उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बिलासपुर संभाग अंतर्गत विभिन्न जिलों में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (आर.एच.ओ. महिला/पुरुष) कर्मचारियों द्वारा विभागीय ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट प्रशिक्षण सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर लिया गया है। संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालयों द्वारा पात्र कर्मचारियों के गोपनीय प्रतिवेदन (CR) और अचल संपत्ति विवरण सहित आवश्यक दस्तावेज पदोन्नति कार्यवाही जेडी ऑफिस भेज भी दिया गया है। प्रशिक्षण उत्तीर्ण करने के उपरांत भी पदोन्नति आदेश जारी न होने से कर्मचारियों में निराशा का भाव व्याप्त है। मामले को गम्भीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने प्रमोशन कि प्रक्रिया में गति देने सकारात्मक पहल की है। संघ ने संयुक्त संचालक गायत्री बाँधी से बिलासपुर संभाग अंतर्गत रिक्त नेत्र सहायक अधिकारी के पदों पर पात्र और प्रशिक्षित कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची के आधार पर शीघ्र पदोन्नति (प्रमोशन) सह-पदस्थापना आदेश जारी करने आग्रह किया है।




पदोन्नति के मामले में बिलासपुर संभाग ही छूटा,, जिला स्तरीय प्रक्रिया पूरी, संभागीय दफ्तर में कार्यवाही चल रही कछुए की गति है।

बिलासपुर संभाग में बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले आते हैं। इन जिलों में नेत्र सहायक अधिकारी के कई पद सालों से रिक्त हैं। RHO संवर्ग के कर्मचारी ग्रामीण स्तर पर नेत्र रोगियों की जांच, मोतियाबिंद स्क्रीनिंग और राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रायपुर और दुर्ग संभाग में इसी प्रशिक्षण के आधार पर प्रमोशन आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन बिलासपुर में फाइल कछुए की गति से चल रही है। जिला स्तरीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी संभागीय दफ्तर में अफसर रुचि नहीं दिखा रहे, जिससे प्रशिक्षित कर्मचारी हतोत्साहित हैं।

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