Uncategorized

खनिज विभाग की नाक के नीचे बिनौरी में अवैध मुरुम खनन! ग्रामीणों को देख हाइवा-जेसीबी छोड़ भागे मुरूम चोर, जिला प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

भुवनेश्वर बंजारे

बिलासपुर – जिले में खनिज माफियाओं के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी लगातार सामने आ रही है। खजुरी नवागांव के बाद अब तखतपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिनौरी में मुरुम के अवैध उत्खनन का एक और गंभीर मामला प्रकाश में आया है। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के चल रहे इस अवैध खेल के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है, और इस संबंध में जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपी गई है।

सरपंच पति और सचिव पर मिलीभगत का गंभीर आरोप

शिकायत के अनुसार, ग्राम बिनौरी में इन दिनों बेखौफ होकर मुरुम की अवैध खुदाई की जा रही है। मंडल अध्यक्ष अल्पसंख्यक भाजपा और ग्राम बिनौरी निवासी जाहिद खान द्वारा कलेक्टर को दिए गए शिकायत में यह खुलासा हुआ है कि ग्राम पंचायत बिनौरी के सरपंच पति और ग्राम सचिव की कथित मिलीभगत से यह पूरा अवैध कारोबार संचालित हो रहा है। आरोप है कि पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा वार्ड पंचों की सहमति लिए बिना ही अपने निजी और व्यावसायिक हितों के लिए क्षेत्र की बहुमूल्य माटी और खनिज संपदा को लूटा जा रहा है।

छापा मारने पर वाहन और मशीनें छोड़कर भागे माफिया

अवैध उत्खनन की भनक लगते ही जब प्रार्थी, अन्य पंच और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया। हालात भांपकर उत्खनन में लिप्त लोग मौके पर ही अपने वाहन और मशीनें छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों ने मौके से अवैध परिवहन में प्रयुक्त किए जा रहे दो भारी ट्रकों क्रमांक सीजी 10 एयू 5589 एवं सीजी 10 एफ 5289 और एक जेसीबी मशीन को लावारिस हालत में खड़ा पाया। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि किस तरह प्रशासनिक खौफ को दरकिनार कर बेधड़क अवैध उत्खनन को अंजाम दिया जा रहा है।

प्रशासनिक अमले को सौंपी गई शिकायत, कड़ी कार्रवाई का अल्टीमेटम

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर बिलासपुर को दिए गए शिकायती की प्रतियां प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचनार्थ एवं त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं। इनमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर, जिला खनिज अधिकारी बिलासपुर, तहसीलदार तखतपुर और थाना प्रभारी सकरी थाना शामिल हैं।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि बिनौरी में चल रहे इस अवैध उत्खनन को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, मौके पर छोड़े गए वाहनों व जेसीबी को जब्त किया जाए, तथा इस अवैध कृत्य को शह देने वाले सरपंच पति, सचिव और वाहन मालिकों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। देखना यह होगा कि खनिज विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और सख्त कार्रवाई करता है, या फिर माफियाओं के हौसले यूं ही कानून को ठेंगा दिखाते रहेंगे।

BREAKING