रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष को नमन, राष्ट्रीय एकता दिवस पर गूंजा ‘राष्ट्र प्रथम’ का संकल्प

भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केंद्रीय संचार ब्यूरो, बिलासपुर द्वारा शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर, राजकिशोर नगर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रचार-प्रसार प्रमुख कमल गिरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्यालय के प्राचार्य भूपेंद्र गौरहा रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विद्यालय के प्राचार्य भूपेंद्र गौरहा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि 15 अगस्त 1947 को आजादी के बाद देश सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था, जिन्हें एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया। प्राचार्य गौरहा ने हैदराबाद, जूनागढ़ और जम्मू-कश्मीर रियासतों के भारत में विलय की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरदार पटेल के दृढ़ नेतृत्व के कारण ही अखंड भारत का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने 1971 के युद्ध और भारत की एकता-अखंडता के महत्व पर भी बच्चों को जानकारी दी और कहा कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना ही देश को मजबूत बनाती है।

उन्होंने कहा कि आज पड़ोसी देश चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित कई विदेशी ताकतें भारत को कमजोर करने में लगी हैं, ऐसे में हम सभी को “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत पर चलना होगा। युवाओं को सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से रमाकांत मिश्रा, नवल किशोर, मनीष सिंह, प्रीति बाला, मीणा देवांगन, आनंदी दुबे, माधुरी नामदेव, रजनीश, ममता, सुजाता श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे। वही छात्र परिषद की ओर से स्वाति साहू, पूर्वा, हेमा, सुभाष, दिव्य साहू, अंबे राजपूत, गीतांजलि यादव, तृप्ति यादव, रिया पाठक, नेहा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


