बिलासपुर

बिलासपुर : बेटे की तलाश में भटकता पिता… पुलिस कार्रवाई न होने से टूटा परिवार, गुमशुदा नही….हुआ है अपहरण,

बिलासपुर – जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहाँ एक पिता पिछले चार महीनों से अपने लापता बेटे जो दिव्यांग है न सुन सकता है न बोल सकता है उसकी तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। ग्राम उमरिया निवासी बहोरिक राजपूत का बेटा शिवप्रसाद राजपूत उम्र 27 वर्ष 14 सितंबर 2025 को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। परिजनों के अनुसार शिवप्रसाद उस दिन सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच ग्राम खटाई के एक युवक रूपेश के साथ निकला था, लेकिन इसके बाद वह कभी घर वापस नहीं लौटा। परिवार ने तत्काल आसपास खोजबीन की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित पिता बहोरिक राजपूत ने 15 सितंबर 2025 को बिल्हा थाना में पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी।

उनका कहना है कि आरोपी युवक को पुलिस ने कुछ समय के लिए थाने में रखा भी था, जिससे जानकारी मिली कि शिवप्रसाद को रूपेश द्वारा पुणे ले जाया गया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद से शिवप्रसाद का कोई पता नहीं चला। पिता का आरोप है कि थाना स्तर पर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बेटे की गुमशुदगी ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है। बूढ़े माता-पिता की आँखें हर दिन बेटे के लौट आने की राह देखती हैं, जबकि घर में मातम का माहौल है।

पिता का कहना है कि उन्होंने थाना प्रभारी, वरिष्ठ अधिकारियों और यहां तक कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक आवेदन दिए, फोन पर भी संपर्क किया, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। अब पीड़ित पिता ने फिर से पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनके बेटे को सकुशल बरामद किया जाए। यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द को उजागर करता है, बल्कि पुलिस कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या एक पिता को अपने बेटे की तलाश में यूं ही भटकते रहना पड़ेगा, या उसे इंसाफ मिलेगा..?

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