मस्तूरी में म्यूल खाते का खुलासा, बैंक खाते से खपाई जा रही थी ठगी की रकम, पांच शिकायतों के बाद पुलिस ने दर्ज किया मामला..

भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – साइबर ठगी के जरिए लोगों से ऐंठी गई रकम को बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर करने का मामला सामने आया है। मस्तूरी थाना क्षेत्र की मल्हार चौकी पुलिस ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक संदिग्ध बैंक खाते की जांच के बाद बलवान घृतलहरे के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित खाते के विरुद्ध साइबर धोखाधड़ी से जुड़ी पांच शिकायतें दर्ज मिली हैं। मामले में बीएनएस की धारा 317(5), 318(4) और 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हुई जांच
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के तहत म्यूल बैंक खातों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मल्हार चौकी पुलिस ने भारत सरकार के पुलिस पोर्टल समन्वय (JMIS) के माध्यम से बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक संदिग्ध खाते की जानकारी जुटाई। पोर्टल पर जांच के दौरान उक्त खाते के विरुद्ध पांच अलग-अलग शिकायतें दर्ज होना पाया गया।
यूपीआई और एटीएम से रकम का लेन-देन
पुलिस ने संदिग्ध बैंक खाते के स्टेटमेंट की जांच की तो शिकायतों में दर्ज साइबर ठगी की रकम के अलावा अन्य राशि भी खाते में जमा होने की जानकारी मिली। इसके बाद यूपीआई और एटीएम के माध्यम से रकम स्थानांतरित करने तथा नकदी निकालने के तथ्य सामने आए। जांच में बैंक खाता बलवान घृतलहरे, निवासी स्कूल पारा, परसाडीह, वार्ड क्रमांक 4, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के नाम पर होना पाया गया।
म्यूल खाते के जरिए ठगी की रकम खपाने का संदेह
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किए जाने की आशंका है। म्यूल खातों का उपयोग ठगी की रकम को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने और उसकी पहचान छिपाने के लिए किया जाता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। अब विवेचना के दौरान खाते में जमा रकम, उसके लेन-देन और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जाएगी।


