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QR कोड बना ठगी का हथियार: 45 च्वाइस सेंटर संचालकों से 25 लाख की साइबर ठगी, 2 शातिर गिरफ्तार,कार-स्कूटी और नकदी जब्त..


बिलासपुर – च्वाइस सेंटर संचालकों को नकद लेन-देन का लालच देकर उनके क्यूआर कोड के जरिए साइबर ठगी करने वाले दो आरोपियों को रेंज साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बिलासपुर सहित प्रदेश के नौ जिलों में करीब 45 च्वाइस सेंटर संचालकों को अपना शिकार बनाया। पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम लगभग 20 से 25 लाख रुपये है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 2 हजार रुपये नकद, घटना में प्रयुक्त एक बलेनो कार, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले में रायपुर निवासी अंकित आहूजा 32 वर्ष और आशीष केवटवानी 32 वर्ष को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 05/2026 के तहत धारा 318(4), 317(4) और 3(5) बीएनएस में कार्रवाई की गई है।

क्यूआर कोड का फोटो लेकर खाते से उड़ाई रकम

पुलिस के अनुसार, ग्राम खरकेना निवासी देवेंद्र रजक बिल्हा मोड़ स्थित लक्ष्मी च्वाइस सेंटर का संचालन करते हैं। 5 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:38 बजे एक व्यक्ति बलेनो कार से उनके सेंटर पहुंचा। उसने फोन-पे के जरिए आने वाले भुगतान के बदले नकद रकम देने की बात कही। संचालक के सहमत होने पर आरोपी ने सेंटर के क्यूआर कोड का फोटो अपने मोबाइल में लिया और वहां से चला गया। इसके बाद क्यूआर कोड स्कैन कर 16 हजार रुपये का लेन-देन किया गया। अगले दिन देवेंद्र के बैंक खाते पर होल्ड लग गया। बैंक में जानकारी लेने पर पता चला कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम आने के कारण कार्रवाई की गई है। च्वाइस सेंटर संचालकों के व्हाट्सएप ग्रुप से उन्हें पता चला कि इसी तरीके से दूसरे संचालकों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद मामला रेंज साइबर पुलिस तक पहुंचा।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

जांच में सामने आया कि अंकित आहूजा अलग-अलग च्वाइस और सीएससी सेंटरों में जाकर उनके क्यूआर कोड का फोटो अपने साथी आशीष केवटवानी को भेजता था। आशीष उस क्यूआर कोड के जरिए रकम ट्रांसफर करता था, जबकि अंकित संचालक से नकद रकम लेकर निकल जाता था। बाद में जब खातों में साइबर ठगी की रकम आने के कारण होल्ड लगता, तब संचालकों को धोखाधड़ी की जानकारी होती थी।

नौ जिलों में फैला था नेटवर्क

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बिलासपुर, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती और दुर्ग जिले के संचालकों को निशाना बनाया। अब तक करीब 45 पीड़ितों के आवेदन सामने आए हैं। आरोपियों के दोबारा हिर्री और बिल्हा क्षेत्र में वारदात की कोशिश करने की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई कर उन्हें पकड़ा। इस कार्रवाई में रेंज साइबर थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक अशोक कश्यप, आरक्षक दीपक उपाध्याय और दीपक यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस मामले में आगे की विवेचना कर रही है।

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