तालाब पार मौत का फंदा बना 11 केवी तार, विभाग की लापरवाही से ग्रामीण की दर्दनाक मौत


भुवनेश्वर बंजारे
बिलासपुर – सकरी में बिजली विभाग की लापरवाही एक ग्रामीण की जिंदगी पर भारी पड़ गई। तालाब पार से गुजर रहा 11 केवी का झुका हुआ बिजली का तार मौत का फंदा बन गया। इसकी चपेट में आने से 48 वर्षीय देवी यादव की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया। घटना ने बिजली के झूलते तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, सकरी के यादव मोहल्ला निवासी देवी यादव 48 वर्ष, पिता खुरसाल यादव, सोमवार 26 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:30 बजे अपनी भैंस को लेने घर से निकले थे। वह सकरी तालाब की ओर गए थे। इसी दौरान तालाब पार से गुजर रहा 11 केवी का विद्युत तार नीचे की ओर झुका हुआ था। बताया गया है कि देवी यादव इसी तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद उनका शव तालाब पार में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के भतीजे राजू यादव अपने चचेरे भाई गोलू यादव के साथ सकरी थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने 26 अक्टूबर को दोपहर 3:26 बजे सूचना दर्ज कर मर्ग क्रमांक कायम किया। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत मर्ग जांच शुरू कर दी गई है। नियमानुसार पंचनामा कार्रवाई कर शव को पीएम के लिए भेज दिया गया।
झुके बिजली तारों की सुरक्षा पर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि तालाब पार जैसे सार्वजनिक रास्ते के पास 11 केवी का बिजली तार नीचे क्यों झुका हुआ था? यदि तार खतरनाक स्थिति में था, तो उसे समय रहते ठीक करने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम क्यों नहीं उठाए गए? हालांकि, बिजली विभाग की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
देवी यादव की मौत ने एक परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। अब जांच के साथ यह भी देखना जरूरी है कि विद्युत तार की स्थिति और हादसे के कारणों की जिम्मेदारी किसकी थी, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटना दोबारा न हो।


